मैं हूं मानसी भाटिया। मेरी आठवीं की परीक्षाएं समाप्त हुई हैं। बीस दिन की छुट्टियां मिली हैं। एग्जाम्स के दिन बहुत तनाव से बीते हैं। अब मैंने भी अपना ब्लॉग बनाया है। यह समझिये कि वर्डप्रैस पर एक बीज बोया है। इन छुट्टियों में इस बीज की देखभाल की जायेगी। आगे फिर गर्मियों की छुट्टियां भी आयेंगी। मेरे स्कूल में तो किसी बच्चे को शायद ही पता हो कि ब्लॉग क्या होता है। मैं उन सब को अपने ब्लॉग के बारे में बताऊंगी तो उनमें से कई शायद बहुत हैरान होंगे।
अरे वाह! शाबास। चलो अब पापा के साथ तुम भी ब्लॉगिंग करने लगी हो।
हिन्दी ब्लॉगिंग मे तुम्हारा स्वागत है।
अभी हिन्दी ब्लॉगिंग मे बच्चों और नव-युवाओं के लिए कोई ब्लॉग नही था, अब तुम आ ही गयी हो तो लगातार लिखना। और हाँ पढाई से समय मिले तब ही। पहले पढाई।
भावी चिट्ठाकारी जीवन के लिए बहुत बहुत बधाई।
अरे मानसी स्वागत है आपका इंतजार था।
आपको इनसे और
इनसे लिने में मजा आएगा।
लिने के स्थान पर मिलने पढ़ें
hey hi its very nice to see a hindi blog of such a sweet little girl keep it up take care
शाबश, यहाँ छुट्टियाँ खूब अच्छी कटेंगी. अब जब भी पापा लिखें तब आप भी लिखना. हम सबको पढ़ने में बहुत मजा आयेगा.
बहुत खूब उत्कर्ष का सबसे छोटा चिट्ठाकार होने का रिकॉर्ड तोड़ दिया तुमने। अब छुट्टियों में पापा से अच्छी तरह ब्लॉगिंग सीख लो।
उम्मीद है चिट्ठाजगत में नियमित उपस्थिति दर्ज कराओगी। मेरी शुभकामनाएं !
उत्कर्ष संजय भैया का बेटा है, फिलहाल यहाँ तुम्हारे बराबर का वही दोस्त मिलेगा।
स्वागत और शुभकामनाएं मानसी, चिट्ठे का नाम तो बड़ा बढ़िया रखा है आपने।
जल्दी जल्दी लिखो और हमें पढ़ाओ
अरे वाह, मानसी! बहुत अच्छा लगा तुम्हारा चिट्ठा देखकर। कई दिनों से इंतजार था तुम्हारा लिखा पढ़ने का। बस, छुट्टियों का जमकर फायदा उठाओ और अपनी पसंद की कविताएँ और कुछ चित्र आदि बनाकर पोस्ट करो। यह भी बताना कि कैसा लग रहा है चिट्ठाकारी की दुनिया में आकर।
अरे, बहुत खूब। मजा आया।
अरे वाह, बहुत अच्छे, शाबास! खूब लिखो। पापा की तरह पापुलर हो जाओ।
तुम्हारे ब्लॉग का नाम बहुत अच्छा लगा । खूब लिखो, खूब पढो ।
मानसी,
बहुत अच्छे
उम्मीद है कि तुम्हारा यह बीज एक बहुत बड़ा वृक्ष बनेगा ।
मानसी, बहुत-2 शुभकामनाएँ कि पापुलेरिटी में अपने पापा से भी आगे निकल जाओ. आपके पापा को भी अच्छा लगेगा.
ब्लॉग की दुनिया में मानसी का बहुत-बहुत स्वागत है .
बहुत खूब! ब्लॉग का नाम भी सुंदर है। जल्दी ही बेटी गुड़ और पापा शकर हो जाएँगे।
मानसी तुम्हारा चिठ्टाकारी की दुनिया में स्वागत है।
मनीषा
hindibaat.blogspot.com
हर दिन अपने बोये बीज पर पानी डालती रहना – स्वागत है तुमहारा हिन्दी चिट्ठा जगत मे
शाबास मानसी. आपका चिट्ठा देख कर बहुत प्रसन्नता हो रही है. उत्कर्ष को तुम्हारा चिट्ठा दिखाऊँगा तो उसे प्रेरणा मिलेगी, आलसी हो गया है, लिखने में
मेरी शुभकामनाएं. छुट्टीयों का खुब सद-उपयोग करना
बाय.
Hi Maanasi… it was really nice to read ur blog.. keep writing will wait for watever u write Poems, jokes or watever u feel like telling.. aur Haan school ki baatein jaroor bataana.. aur aap holidays mein ky akar rahi hain .. tell me.. bbye c u..
बहुत अच्छे मानसी। ब्लॉग जगत में और हिन्दी ब्लॉग जगत में तुम्हारा स्वागत है।
ये सब लोग बूढ़े हो गये हैं मानसी.. तुम्हारी बात सिर्फ़ मैं समझ सकता हूँ.. दो तीन दिन पहले हे मैं चौदह साल का हुआ हूँ.. मुझे जो समझ में आता है लिखता हूँ.. तुम भी बस अपन मन की ही लिखना.. किसी से पूछना वूछना मत.. पढ़ना ज़रूर.. जब लिखने बैठो तो पढ़ने की ज़रूरत समझ आती है.. बाय!
वाह अभय जी
आप चौदह के हो पर मैं दो तीन दिन बाद आठ का होने वाला हूँ
शाबास मानसी
बहुत खूब, उम्मीद है इन बीस दिनों की छुट्टियों में कम से कम बीस लेख पढ़ने को मिलेंगे।
वाह. बहुत बढिया.
स्वागत है मानसी. अब इतने धूम धडाके का स्वागत समारोह करवा कर गायब मत हो जाना.
लिखती रहना. छुट्टीयों मे भी उसके बाद भी.
खूब लिखो और बहुत अच्छा लिखो। तुम्हारे इस पोस्ट में तुम्हारी हिन्दी की वर्तनी बिल्कुल सही है और इस तरह हिन्दी में टाइप करने की प्रैक्टीस हो जायेगी तो स्कूल के प्रोजेक्ट आदि भी कम्प्यूटर पर बना पाओगी।
शाबाश।
–मानसी आंटी
बहुत अच्छे मानसी। ब्लॉग जगत में और हिन्दी ब्लॉग जगत में तुम्हारा स्वागत है।
आप सभी का बहुत ध्नयवाद।
[...] बिटिया मानोसी जब कुल जमा सात लाइन की लिखती है तब भी उसके ब्लाग पर लोग तमाम कमेंट [...]
वाह मानसी, आपका ब्लॉग अच्छा लगा। आपकी बोली-बानी भी मीठी है। ब्लॉग का नाम भी आपने सोच कर रखा है, अच्छा लगता है सुन कर। लेकिन एक सवाल करूं ? कच्ची धूप क्यों नाम दिया? गर्मी की छुट्टियों में इतनी धूप भी चुभने लगती है दोस्त।
Are wah mansi bahut acha
बड़ा अच्छा लगता है बडे होने का एहसास, कम कम अब मै भी किसी को आदेश दे सकूँगा
अभी तक कुछ दिनों पहले तक शायद मै ही सबसे छोटा था किन्तु अब नये नये भाई बहन आ रहे है सभी को हार्दिक सुभकामनाऐं।
नियमित लिखिऐगा, अपने भइया को भूल न जाना
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ati sundar
swagatm